🚧 यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

🚧 यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन – पूर्वांचल विकास की नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया है। जानिए इस मेगा प्रोजेक्ट की विशेषताएं, रूट डिटेल, आर्थिक लाभ और इससे जुड़े सभी अपडेट्स।

📍 गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल की जीवन रेखा

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया एक अत्यंत महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका उद्घाटन करते हुए इसे “पूर्वांचल विकास की धुरी” बताया। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ता है, जिससे प्रदेश के पूरबी हिस्सों को राजधानी लखनऊ और पश्चिमी जिलों से सीधा संपर्क मिलेगा।

🛣️ क्या है गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे?

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे एक 91.35 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। इसका निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) द्वारा किया गया है।



मुख्य विशेषताएं:

लंबाई: 91.35 किमी

चौड़ाई: 6 लेन (विस्तारण योग्य)

लागत: ₹5876 करोड़

निर्माण एजेंसी: UPEIDA

संपर्क: गोरखपुर → आज़मगढ़ → पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

🚀 उद्घाटन समारोह में क्या हुआ?

20 जून 2025 को, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में स्थित लिंक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा,
“गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, पूर्वांचल की आर्थिक धड़कन है।”

कार्यक्रम में मंत्रियों, विधायकों, उद्योगपतियों और स्थानीय जनता की भारी उपस्थिति रही। उन्होंने यह भी बताया कि यह परियोजना तय समय से पहले पूरी की गई है।

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📊 आर्थिक और सामाजिक लाभ

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से स्थानीय और क्षेत्रीय स्तर पर व्यापक आर्थिक लाभ होंगे:

1. व्यापार में वृद्धि
इस एक्सप्रेसवे के जरिए गोरखपुर और आसपास के जिलों का व्यापार लखनऊ, वाराणसी और नोएडा जैसे बड़े बाजारों से सीधा जुड़ जाएगा।

2. समय की बचत
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में अब केवल 1.5 से 2 घंटे का समय लगेगा, जो पहले 4 से 5 घंटे लगता था।

3. कृषि और लॉजिस्टिक्स
यह मार्ग कृषि उत्पादों को तेजी से मंडियों तक पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।

4. रोज़गार के अवसर
एक्सप्रेसवे के आसपास छोटे और मध्यम उद्योगों, वेयरहाउस और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में रोज़गार की संभावना बढ़ेगी।

🏗️ निर्माण की गुणवत्ता और टेक्नोलॉजी
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण आधुनिक तकनीकों से किया गया है। इसमें सीमेंट-कंक्रीट रोड, हाई-स्पीड टोल प्लाजा, डिजिटल निगरानी कैमरे और सड़क सुरक्षा चिन्हों का ध्यान रखा गया है।

यूपी सरकार ने इस परियोजना को “ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल” भी कहा है क्योंकि इसमें हरित पट्टी और सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइट्स लगाई गई हैं।

🧭 किन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ?
गोरखपुर के अलावा, इस एक्सप्रेसवे से संत कबीर नगर, आज़मगढ़, अम्बेडकरनगर और मऊ जैसे जिले सीधे लाभान्वित होंगे। साथ ही, बिहार बॉर्डर से लगे क्षेत्रों के लिए भी यह एक्सप्रेसवे वरदान साबित होगा।

📢 योगी आदित्यनाथ की विकास नीति का हिस्सा
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे योगी आदित्यनाथ की "सर्वांगीण विकास नीति" का एक मजबूत स्तंभ है। इससे पूर्वांचल को पश्चिम उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR से जोड़ा जा सकेगा, जिससे राज्य की एकीकृत अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

🛑 सुरक्षा और सुविधा
  • हर 25 किमी पर पेट्रोलिंग वाहन
  • आपातकालीन कॉलिंग सिस्टम
  • स्मार्ट टोलिंग सिस्टम
  • एंबुलेंस और मोबाइल रिपेयर यूनिट

📷 उद्घाटन की झलकियां

नोट: यह थंबनेल इमेज Google Discover फ्रेंडली है।

🔍 निष्कर्ष
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं है, बल्कि यह पूर्वांचल के लोगों के लिए विकास, रोज़गार, समय बचत और बेहतर भविष्य की दिशा में बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे भारत में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवेलपमेंट का उदाहरण बनेगा।

✍️ लेखक:
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